पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। इस दिशा में यूथउत्तराखंड (YouthUttarakhand) एक सक्रिय सामाजिक संस्था के रूप में ज़मीनी स्तर पर जागरूकता और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
यूथउत्तराखंड द्वारा पहाड़ी व मैदानी मार्गों पर दुर्घटनाओं को रोकने और जन-साधारण को जागरूक करने के लिए “सुरक्षित सफर, सुरक्षित उत्तराखंड” पहल चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना है।
पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों में सड़क हादसों को कम करना युवाओं, चालकों और पर्यटकों में यातायात नियमों की समझ विकसित करना।
दुर्घटना नियंत्रण: पर्वतीय व ग्रामीण मार्गों पर लापरवाही, तेज गति और नशे के कारण होने वाले हादसों को रोकना।
जिम्मेदार नागरिकता: हेलमेट, सीटबेल्ट और यातायात संकेतों के नियमित पालन की संस्कृति बनाना।
आपातकालीन तैयारी (First Responders): दुर्घटना के समय ‘गोल्डन आवर’ में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करना।
पर्यटक जागरूकता: अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना।
फर्स्ट-रिस्पॉन्डर (First Aid) ट्रेनिंग: सड़क दुर्घटना के तत्काल बाद पीड़ित की जान बचाने के लिए स्थानीय युवाओं और दुकानदारों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देना।
प्रशासनिक समन्वय: लोक निर्माण विभाग (PWD) और परिवहन विभाग के साथ मिलकर जर्जर सड़कों व साइनबोर्ड्स की स्थिति में सुधार हेतु ज्ञापन सौंपना।
डिजिटल सुरक्षा शपथ (Take Safety Pledge):
वेबसाइट पर एक क्लिक से “मैं यातायात नियमों का पालन करूँगा/करूँगी” की शपथ लें और तुरंत ई-सर्टिफिकेट डाउनलोड करें।
वॉलंटियर / स्वयंसेवक के रूप में (Become a Volunteer):
अपने क्षेत्र में जागरूकता शिविर आयोजित करने, पोस्टर लगाने या रिफ्लेक्टर बाँटने के लिए फॉर्म भरें।
ब्लैक स्पॉट रिपोर्ट करें (Report a Blackspot):
आम नागरिक अपने आसपास के खतरनाक मोड़ों, जर्जर सड़कों या बिना साइनबोर्ड वाली जगहों की फोटो और लोकेशन वेबसाइट पर अपलोड कर सकें।
सोशल मीडिया एंबेसडर (Digital Champion):
यूथउत्तराखंड के जागरूकता पोस्ट, इंफोग्राफिक्स और वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर अभियान को घर-घर पहुँचाएँ।
संस्थागत जुड़ाव (Partner with Us):
स्थानीय टैक्सी यूनियन, स्कूल, कॉलेज, RWA और सामाजिक संस्थाएँ पार्टनर के रूप में जुड़ सकते हैं।